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परम्परा की कसौटी विवेक
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AJH1979Oct_19
#परम्परा
#कसौटी
#विवेक
परम्परा की कसौटी विवेक Document
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Topic Of Source Title
सृजन शिल्पियों के प्रशिक्षण की नयी सत्र श्रृंखला_AJH1979Oct
जीवन लक्ष्य की प्राप्ति में तीन प्रमुख व्यवधान
न तेषु रमते बुधः
परम पिता के अजस्र अनुदान
प्रार्थना अर्थात् विनम्र पुरुषार्थ
प्रेय के साथ श्रेय भी जुड़ा है
जीवन यात्रा की भीषण दुर्घटना
जीवात्मा की अकूत शक्ति
अंत शक्ति की विलक्षणता के तथ्य-प्रमाण!
रहस्यों की पिटारी-पीनियल ग्रन्थि
सिद्धियाँ देखिये, जानिये
मृत्यु से अधिक निश्चित, कुछ भी नहीं
वायुमण्डल और वातावरण बदला जाय
पुण्य की प्रतिष्ठा
समय के सदुपयोग बिना आत्मसन्तोष असम्भव
मानवेत्तर सृष्टि कम आकर्षक नहीं
हाथ में घड़ी-चाल में सुस्ती
मानसिक तनाव बुरा तो है ही, उपयोगी भी
जल्दी पढ़ने की तकनीक
परम्परा की कसौटी विवेक
अभीष्ट सफलता के लिये आवश्यक मनोजय
मुक्त कण्ठ से हँसिये, जी भर कर रोइये
श्रद्धया सत्यमाप्यते
सहयोग भावना से स्वर्गीय वातावरण का सृजन
अपनों से अपनी बात-सृजन शिल्पियों के प्रशिक्षण की नयी सत्र श्रृंखला (लेख शृंखला)
साधन सम्पन्न और बुद्धि जीवियों से सहयोग का आह्वान
फूल भी शूल (कविता) (कविता)
समृद्धि और प्रगति का आधार बाहर नहीं भीतर
उपासना से आत्मशोधन एवं आत्म परिष्कार
क्या प्रमाण है कि ईश्वर नहीं है?
स्थूल से भी अधिक चिरंजीवी सूक्ष्म
धर्म का मन्दिर आस्था की ज्योति
मानवी व्यक्तित्व में अन्तर्निहित समग्रता!
जो माँगेगा उसे दिया जायेगा
सच्ची बहादुरी
वैज्ञानिक मान्यताएँ या तीर तुक्का?
स्वप्नों के माध्यम से अंतःस्थिति के दर्शन
झूठ बोलना एक छोटी किन्तु बहुत बुरी आदत
प्रकृति की अबूझ पहेली जीवन के विचित्र नियम
सहकारिता और आदान-प्रदान एक ब्रह्माण्ड व्यापी सत्य
शान्ति के बीज अन्तःभूमि में उगते हैं
कितने समझदार हैं यह नासमझ प्राणी
सुख के आधार
परिस्थितियों का निर्माण अपने हाथ
जीवन की सार्थकता समृद्धि में नहीं है!
तेज और तेज नहीं-थोड़ा धीरे भी
रोगों की जड़ शरीर में नहीं मन में
प्रस्तुत शोध प्रबन्ध में परिजनों से अपेक्षाएँ
अपनों से अपनी बात-परिवार निर्माण पर नये सिरे से ध्यान दिया जाय (लेख शृंखला)
आवश्यक साधन जुटाने ही होंगे
महत्वपूर्ण प्रकाशन
युगांतर चित्रण (कविता) (कविता)
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