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तथ्य का सत्य के प्रति समर्पण
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AJH1973Sep_8
#तथ्य
#सत्य
#समर्पण
तथ्य का सत्य के प्रति समर्पण Document
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Topic Of Source Title
ईश्वर भक्त की कसौटी
समग्र सुख-शान्ति की स्थापना धर्म धारण से ही सम्भव होगी
पूर्वाग्रहों पर अड़ कर न बैठें
जो ईश्वर से डरेगा, उसे और किसी से नहीं डरना है
अचेतन मन की व्याधियाँ और उनका निराकरण
मनुष्य चाहे तो नर पिशाच भी बन सकता है
समुद्र की तरह हमारा अन्तरंग भी महान है
तथ्य का सत्य के प्रति समर्पण
मनुष्य का भौतिक मूल्यांकन न किया जाय
स्नेहशीलता और सहकारिता की सार्वभौम सत्यवृत्ति
नर और नारी के बीच की खाई न्यायोचित नहीं
बुरे समय की दुष्प्रवृत्तियाँ
संगीत साधना में समर्पित दो महामानव
हम अपना गुरुत्वाकर्षण बनाये रखें
सौर परिवार के सदस्यों का पारस्परिक आदान-प्रदान
हंसने और रोने की अभिव्यक्ति दबायें नहीं
अपराधी प्रवृत्ति के स्रोतों को बन्द किया जाये
विचारों को सृजन की दिशा में नियोजित रखा जाये
कैंसर प्रकृति विरोधी आचरण का दुष्परिणाम
हम अन्तःकरण की वाणी सुनें और उसका अनुकरण करें
दान अहसान नहीं परम पवित्र धर्म कर्त्तव्य है
उपार्जन का संग्रह नहीं वितरण किया जाये
अन्धाधुन्ध प्रजनन हर दृष्टि से अदूरदर्शिता पूर्ण
प्रगति के पथ पर मर्यादित कदम ही बढ़ाये जायें
साधक को न अकेलापन खलता है, न असफलता अखरती है
अपनों से अपनी बात-युग संघ्या में हमारे विशेष कर्तव्य और उत्तरदायित्व (लेख शृंखला)
“ऐसे नहीं बनो रे” (कविता)
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