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युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त भाग-२-बडी

युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त भाग-२-बडी

Author: Pt. Shriram Sharma Achary Publisher: Yug Nirman Yojana, Mathura Code: HINB0194 7964 Views Out of Stock
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Hindi
देश भक्त नव निर्माण के कार्य में जुट जावें
नागरिक कर्तव्य पालें और समाज में स्वस्थ पर म्परा डालें
व्यक्तिगत स्वार्थ भी सामाजिक सुव्यवस्था पर निर्भर है
प्रोढों का साक्षर बनाया जाना युग की अनुपेक्ष-णीय मांग
व्यायाम एवं स्वास्थ्य शिक्षा समाज की एक महती आवश्यकता
अध्यापक अपने महान्‌ पद गौरव और उतर दायित्व को निवाहें
छात्र अपने भविष्य का निर्माण आप करें
नवयुवक सज्जनता और शालीनता सीखें
उदार सहकारिता से हमारी उलझने सुलझेंगी
प्रगति के लिये श्रम सम्मान एवं गृह उधोगों की आवश्यकता
अन्न संकट की चुनौती का सामना कैसे करें
शाक हमारी खाध समस्या का हल करेंगे
वृक्षारोपण और संवर्धन एक अति आवश्यक कार्य
तुलसी हमारे घर घर में शोभायमान रहे
गौ संरक्षण हमारी एक महती आवश्यकता
अधिकार गौण और कर्तव्य प्रधान माना जाय
वाटरों की सतकर्ता पर प्रजातन्त्र का भविष्य निर्भर है
प्रबुद्ध नारी महिला जागरण की कमान सँभालें
नारी उत्कर्ष के लिये कुछ विशेष प्रयत्व जिये जाये
ऊँच-नीच की मान्यता अन्याय मूलक है
अश्लीलता की बाढ़ हमें पतित बना रही है
भिक्षा वृति का व्यवसाय न रहने दें
मृतक भोज भी अविवेकपूर्ण न हों
भूत पलीत और उदिभज देवी देवताओं का जंजाल
पशुबलि भारतीय धर्म पर एक कलंक
प्राणियों के प्रति निर्मम और निष्ठुर न बनें
विवाहों के आदर्श ऊँचे रखे जाय
बाल विवाह एक अति घातक कुप्रथा
खर्चीली शादियाँ हमें बेईमान और दरिद्र बनाती है
बेटे वाले व्यर्थ ही घाटा और बदनामी न उठायें
उच्च शिक्षित कन्या की विवाह समस्या और उसके नये हल
विधुर और विधवाऐ समान न्याय के अधिकारी
मनस्वी शूरवीए विवाहोन्माद असुर से जूझें
बिना खर्च के विवाहों का प्रचण्ड आन्दोलन चल पड़े
आततायो उद्‌दंडता का डटकर मुकाबला किया जाय
धर्म तंत्र को प्रगतिशील बनने दिया जाय
साधु ब्राह्मण समाज अपना कर्तव्य और दायित्व समझे
मन्दिर आस्तिकता और सत्प्रवृतियाँ जगाने में लगें
त्यौहार और संस्कार प्रेरणाप्रद पद्धति से मनाये जाये
जन्म दिवस और विवाह दिवस मनाये जायें
गायत्री और यज्ञ भारतीय धर्म संस्कृति के माता पिता
गायत्री यज्ञ आन्दोलन एक महान्‌ रचनात्म्क अभियान
शिखा भारतीय संस्कृति की धर्म ध्वजा
यज्ञोपवीत धारण नीति और कर्तव्य अपनाने का प्रतवंध
ज्ञान यज्ञ का प्रकाश घर-घर पहुँचाया जाय
ज्ञान यज्ञ नव निर्माण का महानतम अभियान
व्यक्ति ओय समाज का समग्र निर्माण कर सकने वाली शिक्षा पद्धति
कला लोक रंजन की नहीं भावनाओं का परि-ष्कार भी करे
रचनात्मक कार्यक्रमों से ही देश समर्थ बनेगा
अनीति असुरता के विरुद्ध प्रबुद्ध संघर्ष किया जायेगा
Book Size Big
Pages 108
Publisher Yug Nirman Yojana, Mathura
Publication Year 1970
Format # NA
Weight 0
Code Rare Book

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