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गुरूगीता समग्र

गुरूगीता समग्र

Author: Dr. Pranav Pandya & Brahmvarchas Publisher: Shantikunj, Haridwar Code: HINR0519 11940 Views In Stock (1)
₹96.00
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आदि जिज्ञासा, शिष्य का प्रथम प्रश्न (लेख)
सद्गुरु से मिलना, जैसे रोशनी फैलाते दिये से एकाकार होना (लेख)
सद्गुरु की प्राप्ति ही आत्मसाक्षात्कार (लेख)
परमसिद्धि का राजमार्ग (लेख)
गुरु-चरण व रज का माहात्मय (लेख)
साक्षात भगवान विश्वनाथ होते हैं-सद्गुरु (लेख)
स्वयं से कहो-शिष्योङ्हम (लेख)
समर्पण-विसर्जन-विलय (लेख)
सब कुछ गुरु को अर्पित हो (लेख)
आओ, गुरु को करें हम नमन (लेख)
शंकर रुप सद्गुरु को बारंबार नमन (लेख)
शिवभाव से करें नित्य सद्गुरु का ध्यान (लेख)
गुरु से बडा तीनों लोकों में और कोई नहीं (लेख)
गुरु कृपा ने बनाया महासिद्ध (लेख)
गुरुकृपा से असंभव भी संभव है (लेख)
गुरुचरणों की रज कराए भवसागर को पार (लेख)
साधन-सिद्धि गुरुवर पद नेहू (लेख)
सद्गुरु की कृपादृष्टि की महिमा (लेख)
मंत्रराज है सद्गुरु का नम (लेख)
भावनाओं का हो सद्गुरु की परचेतना में विसर्जन (लेख)
सद्गुरु की कथोरता में भी प्रेम छिपा है (लेख)
मद्गुरु श्री जगद्गुरु (लेख)
मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यम्‌ (लेख)
चेतना के रह्स्यों का जनकार होता है-सद्गुरु (लेख)
श्री सद्गुरु शरणं मम (लेख)
गुरु ही इष्ट है, इष्ट ही गुरु है (लेख)
एक ही यज्ञ-अहं को भष्म कर देना (लेख)
सहस्त्रदल कमल पर सद्गुरु की दिव्यमूर्ति का ध्यान (लेख)
गुरु का वाक्य ब्रह्मवाक्य समान (लेख)
सबसे सच्ची सिद्धि गुरुभक्ति (लेख)
गुरुसेवा ही सच्ची साधना (लेख)
गुरुभक्ति ही साधना, वहि है सिद्धि (लेख)
सत्‌ चित्‌ आनन्दमयी सद्गुरु की सत्ता (लेख)
सद्गुरु को तत्व से जान लेने का मर्म (लेख)
सद्गुरु की कृपा से ही मिलती है मुक्ति (लेख)
गुरुकृपा गृहस्थ को भी विदेह बना देती है (लेख)
सच्चे शिष्य का एक ही स्वर निष्काम कर्म (लेख)
गुरुगीता का प्रत्येक अक्षर मंत्रराज है (लेख)
ब्रह्मास्त्र अनुष्ठान रुप में गुरुगीता (लेख)
साधना से सिद्ध में आसन व दिशा का भी महत्व (लेख)
गुरु भक्ति की सिद्धि सर्वोपरि, सबसे बड़ी (लेख)
कष्टों में भी प्रसन्न रखती है-गुरुभक्ति (लेख)
कामधेनु, कल्प्तरु, चिन्तामणि है-गुरुगीता का पाठ (लेख)
गुरुगीता से मिलता है-ज्ञान का परम प्रकाश (लेख)
गुरुगीता के पाठ की महिमा न्यारी (लेख)
सर्वसंकटहारिणी गुरुगीता की मंत्र साधना (लेख)
सारे तिर्थ विध्यमान होते हैं जहाँ (लेख)
संकट मोचक मोक्षदायी है-गुरुगीता का पाठ (लेख)
परम गोपनीय संकट रक्षक है यह ज्ञानामृत (लेख)
महामंत्र एवं मंत्रराज है-गुरुगीता (लेख)
संकल्प (लेख)
गायत्री जप (लेख)
श्री गुरुगीता न्यास (लेख)
विनियोग (लेख)
करन्यास (लेख)
ह्रदयादि न्यास (लेख)
ध्यानम्‌ (लेख)
अथ श्रीगुरुगीता (लेख)
गायत्री जप (लेख)
श्री सद्गुरु स्तुति (लेख)
स्तुति भावार्थ (लेख)
क्षमा प्रार्थना (लेख)
Book Size Regular
Pages 256
Publisher Shantikunj, Haridwar
Publication Year 2008
Format 14x21.5 CM
Weight 0.24
Code H_SJ_30

Gayatri Pariwar Books, Pt. Shriram Sharma Acharya, Free Books for Download, vicharkrantibooks, awgp, rishichintan,

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