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भू-सर्वत्र अपना ही प्राण बिखरा पड़ा है
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Author:
Pt. Shriram Sharma Acharya
Code:
HINR0425_2
Source:
गायत्री के जगमगाते हीरे (Book)
#सर्वत्र
#प्राण
#बिखरा
भू-सर्वत्र अपना ही प्राण बिखरा पड़ा है Document
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Topic Of Source Title
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