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ज्ञान और सत्य की महिमा
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Author:
Pt. Shriram Sharma Acharya
Code:
HINR1212_6
Source:
सफलता के बीजमंत्र (Book)
#ज्ञान
#सत्य
#महिमा
ज्ञान और सत्य की महिमा Document
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Topic Of Source Title
उतिष्टित जाग्रत (लेख)
धर्म और लोक परलोक का समन्वय (लेख)
सार को ग्रहण करो असार को नहीं (लेख)
आत्मज्ञानी निर्भय रहता है (लेख)
वमनावतार की महता (लेख)
ज्ञान और सत्य की महिमा (लेख)
दो प्रकार की स्वतन्त्रता (लेख)
मनुष्य की श्रेष्ठता (लेख)
प्रेम और त्याग (लेख)
क्रांति का अर्थ सबको सुखी बनाना (लेख)
ईश्वर प्राप्ति के लक्षण (लेख)
समझदार कौन है (लेख)
नकल से उन्नति नहीं हो सकती (लेख)
नारियों के उद्धार से ही देशोद्धार होगा (लेख)
नव युग का निर्माण कैसे होगा (लेख)
विवेक और वैराग्य (लेख)
धर्म का गहराई से निरीक्षण करो (लेख)
न्याय और शक्ति का समन्वय (लेख)
जन हितकारी व्यक्ति का सम्मान (लेख)
अपने देश को सर्वोच्च बनाइये (लेख)
क्रान्ति का भारतीय आदर्श (लेख)
कर्म करना हमारा उद्देश्य है (लेख)
परिस्थिति के अनुसार आचरण (लेख)
भगवान के अनेक उपकार (लेख)
बुराई में भी भलाई ढूढों (लेख)
सांसारिक हानि के लिये खेद मत करो (लेख)
साम्यवाद से समाजोत्थान (लेख)
वास्तविक उपवास (लेख)
आचरण का मह्त्व (लेख)
भारतीय संस्कृति महान् है (लेख)
धर्मान्धता का कुपरिणाम (लेख)
आत्मा को बन्धन ग्रस्त मत होने दो (लेख)
स्त्रियों को वेदाध्ययन का अधिकार (लेख)
परनिन्दा का महापाप (लेख)
अति निकटता का दोष (लेख)
विषयों की तृष्णा (लेख)
निश्चय के बिना सफलता नहीं (लेख)
अपनी तरफ देखो (लेख)
जीवन की सार्थकता (लेख)
भलाई करने का सदा ध्यान रखो (लेख)
ज्ञानी किसको कहा जाय (लेख)
आराम हराम है (लेख)
परदोष दर्शन का स्वभाव (लेख)
दूसरों की आलोचना (लेख)
स्वास्थ्य ही उन्न्ति का आधार है (लेख)
चित वृतियों को वश करना (लेख)
सन्तका का लक्षण (लेख)
लोभ का त्याग (लेख)
उपनिषद् और कर्तव्य पालन (लेख)
स्पष्ट वक्ता (लेख)
नाश का मार्ग (लेख)
धर्म अपरिवर्तनीय नहीं है (लेख)
नरक के तीन द्धार (लेख)
सर्व धर्म समन्वय (लेख)
धर्म और व्यवहार (लेख)
धर्म के बिना मनुष्य पशु (लेख)
सच्चा धर्म पालन करो (लेख)
कर्म मार्ग में अही की बाधा (लेख)
धूतो की चाल (लेख)
नीच व्यक्ति के लक्षण (लेख)
नम्रता आवश्यक है (लेख)
सम्पति में नम्रता रखना अनिवार्य है (लेख)
धर्म का विरोध क्यों (लेख)
धर्म का ढोंग (लेख)
धर्म के लक्षण (लेख)
उत्कट अभिलाषाओं के त्याग से ईश्वर प्राप्ति (लेख)
इतिहास की महता (लेख)
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सम्मान उदारता का किया जाय (लेख)
फैशन परस्ती का खब्त (लेख)
सच्चा आदर्श (लेख)
गृहस्थाआश्रम की उपेक्षा न करें (लेख)
सेवा कैसे की जाय (लेख)
धन जमा करके छोड जाना महापाप (लेख)
स्वास्थ्य का मूलमन्त्र (लेख)
ईश्वरीय शक्तियों को प्राप्त कीजिए (लेख)
अपना उद्धार आप (लेख)
उपनिषदों का अध्यात्म (लेख)
सर्वोतम उपहार (लेख)
सामाजिकता की अनिवार्य आवश्यकता (लेख)
मेल ले खेल (लेख)
मनुष्य की उपार शक्ति (लेख)
पाप और पुण्य का आधार (लेख)
सच्चा तीर्थ कहाँ है (लेख)
सच्चा मित्र (लेख)
बुद्धिमान और मूर्ख (लेख)
महायज्ञ (लेख)
बाह्य चिन्हों से सम्मान नहीं मिलता (लेख)
राजनीति का बहुरु पयापन (लेख)
रामराज्य (लेख)
सार्थक विधा (लेख)
विश्वास अपार शक्ति (लेख)
गरीबी और अमीरी (लेख)
अपने आपको को धोखा मत दो (लेख)
क्या ईश्वर खुशामद पसन्द है (लेख)
लक्ष्मी सदाचारियों के पास ही स्थिर रहती है (लेख)
विचार और स्वास्थ्य (लेख)
स्वर्ग का मार्ग (लेख)
वेदान्त और भारतीय संस्कृति (लेख)
शिक्षा का दुरुपयोग (लेख)
संक्ल्प (लेख)
समय का सदुपयोग (लेख)
सच्चा लोक्तंत्र वादी (लेख)
नागरिकता का सच्चा भाव (लेख)
दुष्ट जन सज्जनता के पात्र नहीं (लेख)
सज्जनों की शोभ (लेख)
आत्मा को शान्ति कैसे मिले (लेख)
सच्ची स्चतंत्रता (लेख)
त्याग से महानता (लेख)
स्त्री का सहस (लेख)
बेकार मत रहो (लेख)
सत् चित् आनन्द (लेख)
सम्पति की सार्थकता (लेख)
सदगुणों की प्रेरणा (लेख)
सत्य को सहन न कर सकने वाले (लेख)
असत्य से सत्य की ओर (लेख)
सधु और सन्यासी का आदर्श (लेख)
धन और साधुता (लेख)
छोटे बड़े का अन्तर (लेख)
सत्य में सब धर्म व्याप्त हैं (लेख)
सत्य से मुक्ति (लेख)
पारस्परिक सहायता (लेख)
ढोंग करना बुरा है (लेख)
अपने ऊपर विश्वास करो (लेख)
अपने चरित्र की रक्षा करो (लेख)
जन सतावाद कब सफल होगा (लेख)
आत्मा ही सबसे बड़ा आश्रय स्थल है (लेख)
मूर्ख और बुद्धिमान (लेख)
धन सूज्ञ-बूज्ञ से मिलता है (लेख)
सद्प्रयास अवश्य सफल होता है (लेख)
पाप का धन (लेख)
सर्वज्ञों के बचनों की भी परीक्षा आवश्यकता है (लेख)
धर्म की सच्चाई को समझना (लेख)
सच्चे चमत्कारी व्यक्ति (लेख)
ईश्वरीय मार्ग (लेख)
भगवान और भक्त (लेख)
ईश्वर भक्त की पहिचान (लेख)
गुलाम और माकिल (लेख)
गुरु की आवश्यकता (लेख)
पाप प्रकट हो जाता है (लेख)
सत्पात्र को उतम शिक्षा (लेख)
कौन अच्छा है (लेख)
विषय वासना का विष (लेख)
आहार का विचारों पर प्रभाव (लेख)
आलस्य का अभिशाप (लेख)
कल्याणकारी कला (लेख)
भगवत् प्राप्ति का लक्षण (लेख)
कर्म भक्ति और ज्ञान का समन्वय (लेख)
आत्म श्रद्धा की महता (लेख)
आत्म निर्भरता आत्म ज्ञान (लेख)
मानव जीवन का उद्देश्य (लेख)
धर्म में झगड़े का कोई कारण नहीं (लेख)
जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी (लेख)
सर्व त्याग की महिमा (लेख)
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श्रेष्ठ बनने का मार्ग (लेख)
आजादी भीतर की चीज है (लेख)
असन्तोषी सदा दुःखी (लेख)
अभिलाषाऐं सीमित रखो (लेख)
निष्काम कर्म (लेख)
मानवता के कल्याण के लिये (लेख)
सत्य का स्थान (लेख)
सत्य और प्रेम को उजेयता (लेख)
जीवन क एक महाव्रत समझिये (लेख)
स्त्रियों की पराधीनता की समस्या (लेख)
आत्मोत्कर्ष कैसे हो (लेख)
असत्य से सत्य की ओर (लेख)
आत्मा के लक्षण (लेख)
जीव की अज्ञानता (लेख)
आत्मा की आकांक्षा (लेख)
नि:स्वार्थ प्रेम रखने की चेष्टा कीजिए (लेख)
पुरुष और की समानता (लेख)
गुरु और शास्त्र की परीक्षा (लेख)
कर्तव्य पालन की महता (लेख)
संपेक्ष और सरल बात कहो (लेख)
मोह पाप का मूल (लेख)
क्रान्ति और नैतिकता (लेख)
धर्म की मृत्यु और जन्म (लेख)
सुधार कार्यों के विरोधी (लेख)
प्राणी मात्र एक समान हैं (लेख)
अमूल्य जीवन को मत खोऔ (लेख)
द्रुष्ट व्यक्ति ही त्याज्य है (लेख)
बाहर भीतर एक से रहो (लेख)
मातृ शक्ति के अमित उपकार (लेख)
धर्म का काम हमारे आध्यात्मिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है (लेख)
जैसा मन वैसा फल (लेख)
ईश्वर गुफाओं में नहीं है (लेख)
ऊँचा और नीचा (लेख)
अपने प्रति ईमानदार बनिये (लेख)
शरीर रक्षा भी धर्म है (लेख)
हमारा भावी जीवन और कर्म (लेख)
वास्तविकता आत्मज्ञान (लेख)
तोतारटन्त से कोई लाभ नहीं (लेख)
सबसे महान वस्तु (लेख)
जाति भेद का पाप (लेख)
चमत्कार का रहस्य (लेख)
गरीब से अमीर (लेख)
सर्वोतम धर्मोपदेश (लेख)
आलस्य का अभिशाप (लेख)
हमारा जीवन ध्येय (लेख)
सच्चे साधु के लक्षण (लेख)
जग कैसा मैं जैसा (लेख)
अछूत कौन है (लेख)
सबसे बड़ा धोखा (लेख)
अहंकार मत करो (लेख)
अपनी जातीयता की व्यर्थ निन्दा मत करो (लेख)
स्वर्गधाम कैसा है (लेख)
समाज के प्रति हमारा कर्तव्य (लेख)
मनुष्य का श्रेष्ठ आदर्श (लेख)
धर्म का रहस्य (लेख)
रोग दवा के खाने से जायेगा (लेख)
असत्य का अभिशाप (लेख)
अपने प्रति सच्चे रहो (लेख)
विवाह का आदर्श क्या हो (लेख)
हमारा सच्चा धर्म (लेख)
क्रान्ति की सच्ची भावना (लेख)
ब्रह्मचर्य और इन्द्रिय संयम (लेख)
एक भाषा और लिपि की आवश्यकता (लेख)
बाहरी क्रिया कलाप व्यर्थ है (लेख)
समय मत गँवाओ (लेख)
अपमान से क्षुब्ध न हो (लेख)
सच्ची विधा (लेख)
दान की उद्देश्य कल्याण हो (लेख)
नारी निर्यातन का दुष्प्रभाव (लेख)
सत्य का वास्तविक स्वरुप (लेख)
राष्ट्रीय चरित्र (लेख)
असत्य व्यापार (लेख)
शासन कर्ता का धर्म सेवा है (लेख)
साहस की उपासना करो (लेख)
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आदमी की तरह जीयें पशु की तरह नहीं (लेख)
सत्य हितकर भी मधुर भी (लेख)
देश भक्ति मूल्य (लेख)
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गुण और विशेषतायें दूसरों के लिये हैं (लेख)
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भागिये मत लड़िये (लेख)
मर्यादाओं का उल्लंघन न करें (लेख)
हम देवता क्यों न बनें (लेख)
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निर्बलता ही अत्याचार की जननी (लेख)
सच्चाई के लिये संघर्ष भी करें (लेख)
शत्रु को छोटा न समझो (लेख)
व्यक्ति व्यक्ति के प्रति अपना दायित्व समझे (लेख)
नेकी का रास्ता (लेख)
सत्य सूरज की तरह स्पष्ट है (लेख)
विचार क्रांति आवश्यक है (लेख)
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जड़ न काटें (लेख)
शक्ति और मन का स्वास्थ्य (लेख)
दूसरों के बारे में भी सोचें (लेख)
दूसरों के साथ भद्रता (लेख)
अत्याचार रोकिए (लेख)
वीरता की पहचान (लेख)
शान्ति का स्त्रोत अन्दर (लेख)
अपरिग्रही बनो (लेख)
उठो अपना गुण प्रकट करो (लेख)
व्यभिचार की ओर आकर्षित मत होना (लेख)
अपने चिकित्सक स्वयं बनिये (लेख)
विश्वास की अपराजेयता (लेख)
अन्यायी अपनी सीमा में रहो (लेख)
सबसे बड़ा मन्दिर (लेख)
मृतकों की तरह न जिए (लेख)
श्रम ही देवता है (लेख)
अनुशासन आवश्यक (लेख)
राष्ट्र धर्म (लेख)
स्वार्थ के साथ परमार्थ भी (लेख)
सहनशीलता की सीमा (लेख)
पुरुषार्थ की विजय (लेख)
असुविधाजनक नियम सुधारे जायँ (लेख)
आत्म सुधार और आत्म निरीक्षण (लेख)
जमाने की जिम्मेदारी (लेख)
विचारों का दमन ठीक नहीं (लेख)
विश्व मानव की सेवा (लेख)
शिक्षा महान् उतरदायित्व (लेख)
विवाह आत्म विकास का साधन (लेख)
डरो मत (लेख)
सच्चा विजेता (लेख)
स्वाधीनता या पराधीनता (लेख)
परिवर्तन आवश्यक (लेख)
नि:स्वार्थ सेवा (लेख)
लौह इच्छा शक्ति (लेख)
विचारों का परिष्कार कीजिये (लेख)
शौर्य में मनुष्य का गौरव (लेख)
उल्लास पूर्ण जीवन जियें (लेख)
अपना स्वरुप पहचानो (लेख)
हम आगे ही बढ़ें (लेख)
संयम की महिमा (लेख)
छोटा और बड़ा आदमी (लेख)
केवल उचित को ही स्वीकार करें (लेख)
संघर्ष करो (लेख)
आध्यात्मिक श्रद्धा (लेख)
स्त्रियाँ ब्रह्म विधा परायण हों (लेख)
समाज की प्रतिष्ठा ईमानदारी पर निर्भर है (लेख)
मुस्कान और तलवार (लेख)
अपना सब कुछ समाज का समझें (लेख)
गुणों को कम में मूर्तिमान करना ही श्रेयस्कर (लेख)
समाज कल्याण का उतरदायित्व (लेख)
सामूहिक सुविधाए आवश्यक (लेख)
परिस्थितियाँ बदली जा सकती हैं (लेख)
छीनो मत (लेख)
मानव जीवन कठपुतली नहीं (लेख)
संशयात्मा विनश्यति (लेख)
सत्य और प्रेम (लेख)
कर्म कौशल (लेख)
श्रद्धा और सन्तुलन (लेख)
गाँठ का बीज बेकार न जाये (लेख)
लिप्सा के त्याग से हो सुख सम्भव है (लेख)
आवश्यकतायें सीमित रखें (लेख)
अपने आप को भी देखो (लेख)
कठिनाइयों का साहसपूर्वक सामना करें (लेख)
कार्य के प्रति दिलचस्पी और लगन (लेख)
अत्याचार के विरुद्ध विद्रोह करो (लेख)
हमारा भविष्य मातृ दर्शन से ही उज्वल होगा (लेख)
सुखकर और कल्याणकर दोनों को नमस्कार (लेख)
दोष रहित जीवन हौ सत्य है (लेख)
निराशा एक प्रकार की नास्तिकता है (लेख)
छोटी शक्ति से ही कार्य आरम्भ करो (लेख)
उचित को ही स्वीकार करिये (लेख)
तपस्या से ही अभीष्ट उद्देश्य प्राप्त होता है (लेख)
सत्कर्मों और सद्गुणों की आदत डालिये (लेख)
परोपकार जीवन का सबसे बड़ा लाभ है (लेख)
मन की शक्ति का स्दुपयोग करना सीखीये (लेख)
जागो जाग्रत हो तेजस्वी बनो (लेख)
निर्भय रहो निशचिन्त रहो (लेख)
शक्ति की आवश्यकता (लेख)
धन्य हैं वे जो विनम्र हैं (लेख)
भागो मत सामना करो (लेख)
जातीय जीवन की मूल भिति (लेख)
बुद्धि का उपयोग (लेख)
ब्रह्मचर्य को पहचानें (लेख)
पति पत्नी समता (लेख)
श्रम से बचना अपराध (लेख)
धन से सुख प्राप्त नहीं होता (लेख)
प्रेम ही चरित्र है (लेख)
ईमानदारी और कार्य कुशलता (लेख)
विकास का अनुकूल अवसर (लेख)
सामाजिक न्याय की स्थापना (लेख)
जीवन और मृत्यु की पहेली (लेख)
सच्ची वीरता (लेख)
शारीरिक श्रम (लेख)
जिनका जीना मरना बराबर है (लेख)
समाजवाद कैसे आये (लेख)
स्वतन्त्रता की योग्यता (लेख)
दूसरों की स्वतन्त्रता में बाधक न हों (लेख)
कर्तव्य परायणता के लक्षण (लेख)
पाप का धन (लेख)
नकली वेदान्त से खतरा (लेख)
विचारशीलता का महत्व (लेख)
जीवित के लक्षण (लेख)
विधा की महिमा (लेख)
पशुबलि को धिक्कार है (लेख)
विचार ही भविष्य के निर्माता हैं (लेख)
स्वाधीनता आत्मा से उत्पन्न होती है (लेख)
जन्मसिद्ध अधिकार (लेख)
नि:स्वार्थ काम की महिमा (लेख)
हमको महान बनना है (लेख)
स्वतन्त्रता और सत्य प्रियता (लेख)
धर्म द्धेष का त्याग (लेख)
हमारे आन्तरिक शत्रु (लेख)
मोक्ष पर सबका अधिकार (लेख)
मित्र बनकर रहो (लेख)
नीच की मित्रता (लेख)
मानव जाति की एकता (लेख)
अपनी सत्वरक्षा धर्म है (लेख)
श्रद्धा और ज्ञान (लेख)
नई क्रान्ति (लेख)
बन्धनों के विरुद्ध बगावत (लेख)
विचारों की महिमा (लेख)
सच्ची लगन (लेख)
सम्पति का लोभ (लेख)
क्रान्ति का लक्षण (लेख)
साध्य और साधन (लेख)
मानवता के उदद्देश्य (लेख)
प्रारब्ध की मूढ़तावाद (लेख)
संस्कृतिय़ों का मेल (लेख)
भारत का उतरदायित्व (लेख)
दूसरों की स्वतन्त्रता का आदर कीजिये (लेख)
मनुष्य का बुद्धि कौशल (लेख)
संसार में सुखी कैसे हो सकते हैं (लेख)
सफलता का मार्ग (लेख)
लक्ष्य भेदी दृष्टिकोण (लेख)
निराशा को त्याग दीजिये (लेख)
सर्वागीण विकास का मार्ग (लेख)
आत्म ज्ञान सबसे बड़ा आदर्श है (लेख)
यौवन की रक्षा कैसे की जाय (लेख)
गरीबी अभिशाप नहीं (लेख)
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