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इन तीन निश्चयों को पूरा ही कर लिया जाय_AJH1978Apr
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Author:
Pt. Shriram Sharma Acharya
Code:
HAS_00119
#निश्चयों
#अपनों से अपनी बात
इन तीन निश्चयों को पूरा ही कर लिया जाय_AJH1978Apr Document
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Topic Of Source Title
इन तीन निश्चयों को पूरा ही कर लिया जाय_AJH1978Apr
वरदानी शक्ति का देवता- सुदृढ़ संकल्प
मानव जीवन की नौ क्षुद्रताएँ
धर्म की सत्ता और उसकी महान महत्ता
उपलब्धियाँ नहीं आधार आवश्यक
धर्म की स्थापना ही नहीं, अधर्म की अवहेलना भी
प्रत्यक्ष से भी अति समर्थ अप्रत्यक्ष
समर्थ सत्ता को खोजें, पत्तों में न भटकें
कर्म और अकर्म का रहस्य
आत्मिक प्रगति के लिये तप तितीक्षा की आवश्यकता
आत्म-चेतना विराट की प्रतिनिधि
हृदय किसी और के लिये नहीं
उत्कृष्टता सम्पन्न दिव्य जीवन जियें
सफलता बनाम आत्मविश्वास
मंत्र शक्ति के चमत्कारी सत्परिणाम
हम सच्चे अर्थों में सुसंस्कृत बनें
संवेदना शून्य न हो जायें!
खबरदार! सागर को छेड़ने की भूल न करें
ये पद चिन्ह हमने बनाये हैं।
विषाद मनोरोग और उससे छुटकारा
पेट के साथ तो अत्याचार न करें !
पैदल चलने का इलाज
समता के सिद्धान्त का प्रतिपालन
अपनों से अपनी बात-इन तीन निश्चयों को पूरा ही कर लिया जाय (लेख शृंखला)
त्रिविधि निर्माण के संकल्प उभरें
युग−गायकों की अभिनव शिक्षण व्यवस्था!
कुछ आवश्यक ज्ञातव्य
बाधाओं का अनुदान (कविता) (कविता)
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