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इस वर्ष की सत्र श्रृंखला का विवरण और आमंत्रण_AJH1979Jan
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Author:
Pt. Shriram Sharma Acharya
Code:
HAS_00125
#श्रृंखला
#अपनों से अपनी बात
इस वर्ष की सत्र श्रृंखला का विवरण और आमंत्रण_AJH1979Jan Document
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Topic Of Source Title
इस वर्ष की सत्र श्रृंखला का विवरण और आमंत्रण_AJH1979Jan
आत्मिक विभूतियों का उभार, उत्कृष्ट जीवन में
हमारा स्वाध्याय पृष्ठ - भगवान बुद्ध की अमृत वाणी
॥वन्दे महापुरुष ते चरणारविन्दे॥
यदि जीवन में ईश्वर घुल जाय
सर्वतः पाणिपादं तत्सर्वतोऽक्षिशिरोमुखम्
मायामय संसार के सुलझते हुए रहस्य
दुर्बुद्धि ने विज्ञान को भी अभिशाप बना दिया
स्वप्नों के माध्यम से सूक्ष्म जगत में प्रवेश
चेतना को ऊर्ध्वगामी बनाये जड़ नहीं
सर्वस्व त्याग का अर्थबोध
न यंत्र न विज्ञान फिर भी दूरवर्ती का ज्ञान
अतीन्द्रिय शक्तियों का आधार हमारा मन
शोक का कारण व निवारण
मनः स्थिति सन्तुलित रखिये
चरित्र निष्ठ व्यक्ति ईश्वर के समान
विधेयात्मक श्रद्धा उत्कर्ष का आधार
जीवन कला में पारंगत वृक्ष वनस्पति
विज्ञान की कसौटी पर ध्यान
सारा शरीर ही जलमय है
सारे वातावरण को ही गायत्रीमय बनाना होगा
कुछ-जीभ की भी सुनिये, मानिये
अपनों से अपनी बात-इस वर्ष की सत्र श्रृंखला का विवरण और आमंत्रण (लेख शृंखला)
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