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ज्ञान-तेरे लिये सर्वस्व बलिदान
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AJH1967Jun_5
#ज्ञान
#सर्वस्व
#बलिदान
ज्ञान-तेरे लिये सर्वस्व बलिदान Document
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Topic Of Source Title
इस वर्ष हम पाँच कदम आगे बढ़ें।_AJH1967Jun
क्या हमारे लिए यही उचित है?
चेतन चित्त-न, चिन्तन
सर्वत्र अभय ही अभय हो।
जितं जगत केन? मनो हि येन
ज्ञान-तेरे लिये सर्वस्व बलिदान
अडिग निष्ठा के साथ कार्यक्षेत्र में उतरें।
अधिक न बोला कीजिये।
महाकाल और उसका युग-निर्माण प्रत्यावर्तन
गायत्री की असंख्य शक्तियाँ और उनका सान्निध्य
अपनों से अपनी बात-इस वर्ष हम पाँच कदम आगे बढ़ें।
युद्ध और बदलती हुई दुनिया
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