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सर्वोपरि और सर्वशक्त्तिमान सत्त-परमात्मा
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AJH1969Jan_3
#सर्वशक्त्तिमान
#परमात्मा
#
सर्वोपरि और सर्वशक्त्तिमान सत्त-परमात्मा Document
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Topic Of Source Title
विदाई की घड़ियाँ, हमारी व्यथा_वेदना_AJH1969Jan
परमात्मा का निराकार स्वरुप
हम महान ईश्वर के महान पुत्र हैं
सर्वोपरि और सर्वशक्त्तिमान सत्त-परमात्मा
अघ्यात्म से मानव-जीवन का चरमोत्कर्ष
लोकोत्तर जीवन श्रद्धा-भूत ही नही विज्ञान-भूत भी
सामान्य जीवन में महानता का समावेश
घर्म रहित विज्ञान हमारा सर्वनाश करके छोडेगा
निग्रहीत मन की सामर्थ्य अपार
समाज की अभिनव रचना-सदविचारों से
पूर्व-जन्मो पे सम्बन्घित संस्कार
हम देवत्व को और बढें अमुरता की ओर नही
देखने वाली आत्मा को आँखे आवश्यक नहीं
अन्य जीवो को तुच्छ न समझें
नये युग के तीन आघार-सत्य,साम्य और ऐक्य
अपनी मानसिक शान्ति इस तरह बर्बाद नकरें
उपवास-शरीर शोधन की महत्त्वपूर्ण प्रणाली
पुस्तकालयों का जाल बिछा दिया जाये
संगीत जो तन मन को जीवन देता है
सूर्य शक्ति से आरोग्य प्राप्ति
गायत्री साधना- - संकट और कष्टों के निवारण में गायत्री शक्ति का प्रयोग
जागृत कुण्डलिनी और कुण्डलिनी जागरण
अपनों से अपनी बात-विदाई की घड़ियाँ, हमारी व्यथा-वेदना (लेख शृंखला)
महा-प्रयाज्ञा
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