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जलकी अनुपम,अद्भुत और अन्यतम सत्ता
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AJH1970Jan_12
#जल
#अनुपम
#अद्भुत
जलकी अनुपम,अद्भुत और अन्यतम सत्ता Document
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Topic Of Source Title
मानवता का प्राण −अध्यात्म नष्ट न होने पाये।_AJH1970Jan
सत्य के लिए सर्वस्व त्याग
संस्कृति के लिए त्याग
गति का दर्शन और परमगति
विज्ञान द्वारा प्रमाणित अन्तर्चेतना को भूला न जाय
इस संसार में सब कुछ चेतना ही है।
आत्म−शक्ति का कुछ ठिकाना नहीं?
लड़ रहा हो जब स्वयं विज्ञान से विज्ञान
वासना स्वभाव नहीं, विकार मात्र
मनुष्य शरीर जैसी मशीन नहीं
शरीर का ही नहीं−आत्मा का भी ध्यान रखें।
मुशल पर्व आस्ट्रेलियाई खरगोशों का
जल (वरुण देवता) की अनुपम,अद्भुत और अन्यतम सत्ता
माँसाहार का पाप पूर्व को भी पश्चिम न बना दे।
अपनी कमाई_सदा काम आई
हमारा दृष्टिकोण अध्यात्मवादी बने
बदलती परिस्थितियों में स्वयं भी बदलें
महानता का जनक शुद्ध अहंभाव
हृदय−परिवर्तन
मेजर कार्लडिक को एक साधु का श्राप
आत्मिक प्रगति के लिए−उत्कृष्ट शिक्षा की आवश्यकता
दांपत्य जीवन की तैयारी और पत्नी−व्रत की रक्षा
मानव मस्तिष्क की वैभव विभूतियाँ
स्वप्नों की सत्यता का रहस्य क्या है?
गुरु−भक्ति की परीक्षा
जीवन के उतार-चढावों पर उद्विग्न न हों।
अपनों से अपनी बात-मानवता का प्राण −अध्यात्म नष्ट न होने पाये। (लेख शृंखला)
मन की प्यास (कविता) (कविता)
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