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ईश्वर के अनुग्रह का सदुपयोग किया जाय
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AJH1972Oct_1
#ईश्वर
#अनुग्रह
#सदुपयोग
ईश्वर के अनुग्रह का सदुपयोग किया जाय Document
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Topic Of Source Title
ईश्वर के अनुग्रह का सदुपयोग किया जाय
जीवन के अपव्यय का पश्चाताप
ईश्वर-भक्ति और प्रेम-साधना का तत्वज्ञान
स्थूल को ही न देखते रहें- सूक्ष्म को भी समझें
पूर्वाग्रह पर अड़े ही रहना, बुद्धिमत्ता नहीं
कलुषित अन्तःकरण स्वयं दण्ड भोगता है।
बाहुबलि की दूरदर्शिता
त्वचा का सामर्थ्य सब इन्द्रियों से बढ़कर
महानता की दृष्टि से मनुष्य घास से भी छोटा है।
आत्म-चेतना की साँकेतिक भाषा-स्वप्न
हारमोन नियन्त्रित और परिष्कृत किये जा सकते हैं
तप साधना ही शक्ति और सिद्धि का स्रोत है।
अपने आपको पहचानिये
गहन अन्त:चेतना को प्रभावित करने की आवश्यकता
अन्य प्राणधारी भी विभूतियों से रहित नहीं
सामूहिकता से सुसम्बद्ध आत्म चेतना
मनोबल-संकटों को पार करता है
विचार शक्ति का महत्व समझिये
समस्त रोगों का एकमात्र कारण-असंयम
माँसाहार नहीं, दुग्धाहार अपनाइये
अनुदान लें तो-पर उसे वापिस भी करें
निराशाग्रस्त-निर्जीव और निरर्थक जीवन
प्राणायाम द्वारा सूर्य-शक्ति का आकर्षण
जीवन का स्वरूप और उपयोग सिखा सकने वाली शिक्षा चाहिए।
चरित्र, सौंदर्य से भी श्रेष्ठ
अपनों से अपनी बात-देवाधिदेव आत्मदेव की साधना (लेख शृंखला)
कलाकारों और कवियों के नाम (कविता) (कविता)
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