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बढ़ती हुई रुग्णता का मूल कारण चिन्तन की निकृष्टता
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AJH1978Sep_17
#रुग्णता
#मूल
#चिन्तन
बढ़ती हुई रुग्णता का मूल कारण चिन्तन की निकृष्टता Document
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Topic Of Source Title
जागृत आत्माओं से समय दान का अनुरोध_AJH1978Sep
साधना और सिद्धि का सिद्धान्त
ब्रह्म दर्शक के लिये सेवा धर्म
आत्म साधन के तीन चरण
अर्थवसुश्च परिग्रह
विज्ञान भावनाशील बने और धर्म तथ्यानुयायी
एकाग्रता कुशलता की जननी।
पदार्थ भी व्यक्ति और वातावरण से प्रभावित होते हैं।
सोने का अण्डा देने वाली मुर्गी का पेट न चीरें।
पैरों को तोड़ें नहीं, प्रगति की सहज यात्रा पर बढ़ने दें
धरती और सूरज भी मरने की तैयारी कर रहे हैं।
मृत्यु से डरें नहीं उसे सरल और सुखद बनायें।
जीवन का सबसे बड़ा श्रेय साधन, कर्म, कौशल
असामान्य कहलाने की उद्धत ललक-लिप्सा
क्या खायें, क्या न खायें?
प्रगतिशील जीवन अच्छी आदतों पर निर्भर है
गंगा माता की गोद में अमृतोपम पयःपान
बढ़ती हुई रुग्णता का मूल कारण चिन्तन की निकृष्टता
विचारों की शक्ति-सर्वोपरि
संकट नहीं साहस बड़ा है
मुसकान सुसंस्कृत व्यक्तित्व की निशानी
अपनों से अपनी बात-जागृत आत्माओं से समय दान का अनुरोध (लेख शृंखला)
मानव और धर्म (कविता) (कविता)
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