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पाँचवीं सम्पदा--इन्द्रियों का दमन
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Author:
Pt. Shriram Sharma Acharya
Code:
HINR0308_8
Source:
दैवी सम्पदाएँ (Book)
#सम्पदा
#इन्द्रियों
पाँचवीं सम्पदा--इन्द्रियों का दमन Document
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Topic Of Source Title
दैवी सम्पद् विमोक्षाय--गीता (लेख)
मानवता का हास (लेख)
मानवता का मापदण्ड (लेख)
प्रथम सम्पदा--भय का अभाव (लेख)
द्वितीय सम्पदा--अन्तकरण की स्वच्छता (लेख)
तृतीय सम्पदा--ज्ञानयोगव्यवस्थिति (लेख)
चतुर्थ सम्पदा--सात्त्विक दान (लेख)
पाँचवीं सम्पदा--इन्द्रियों का दमन (लेख)
छठी सम्पदा--पूजा एवं अग्निहोंत्रादि उत्तम कर्मो का आचरण (लेख)
सातवीं सम्पदा--कीर्तन (लेख)
आठवीं सम्पदा--स्वधर्म पालन के लिए कष्ट सहन (लेख)
नशवीं सम्पदा--अन्तकरण की सरलता (लेख)
दसवीं सम्पदा--अहिंसा (लेख)
ग्यारहवीं सम्पदा--प्रिय श्ब्दावलि एवं मधुर भाषण (लेख)
बारहवीं सम्पदा--अक्रोध (लेख)
तेरहवीं सम्पदा--कर्मो में कर्तापन के अभिमान का त्याग (लेख)
चौदहवीं सम्पदा--अन्तकरन की उपरामता (लेख)
पन्द्रहवीं सम्पदा--निन्दा चुगली इत्यादि न करना (लेख)
सोलहवीं सम्पदा--हेतु रहित दया (लेख)
सतरहवीं सम्पदा--आसक्ति का न होना (लेख)
अठ्ठारहवीं सम्पदा--स्वभाव की कोमलता (लेख)
उन्नीसवीं सम्पदा--लोक और शास्त्र के विरुद्ध आचरण में लज्जा (लेख)
बीसवीं सम्पदा--व्यर्थ चेष्टाओं का अभाव (लेख)
इक्कीसवीं सम्पदा--आत्म तेज (लेख)
बाइसवीं सम्पदा--क्षमा (लेख)
तेइसवीं सम्पदा--धति अर्थात् धैर्यधारणा (लेख)
चौवीसवीं सम्पदा--पवित्रता (लेख)
पच्चीसवीं सम्पदा--किसी भी प्राणी के प्रति वैर भाव न रखना (लेख)
छब्बीसवीं सम्पदा--वर्ण,जाति,कुल,विध्या,रुप आदिका अभिमान न करना (लेख)
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