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ये धरती के रहने वालो
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Author:
Shantikunj
Code:
HINR0227_45
Source:
भजनोपदेश गीत (Book)
#धरती
#रहने
ये धरती के रहने वालो Document
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Topic Of Source Title
ज्योति से ज्योति जगाओ (गीत)
अब फिर से सतयुग आयेगा (गीत)
इतने रत्न दिये हैं कैसे (गीत)
घर-घर अलख जगायेंगे (गीत)
जीवन बड़ा महान (गीत)
फिर अपने गाँवों को (गीत)
युग की यही पुकार (गीत)
स्वयं भगवान हमारे गुरु (गीत)
हम गायत्री माँ के बेटे (गीत)
मनुज देवता बनें (गीत)
हमको अपने भारत की मिट्टी (गीत)
हमने आँगन नही बुहारा (गीत)
युग युग तक जग याद (गीत)
गाये जा गाये जा (गीत)
जागेगा इन्सान (गीत)
कहाँ छुपा बैठा है (गीत)
हे गायत्री माता तेरी (गीत)
परिवर्तन के बिना न होता (गीत)
श्री राम भक्ति ऐसी (गीत)
करें व्यक्ति निर्माण (गीत)
बदलों अपनी चाल (गीत)
करते जो सहकार (गीत)
संग्राम जिन्दगी है (गीत)
जय अम्बे जय जगदम्बे (गीत)
हमें फिर से धरा पर (गीत)
माँ तेरे चरणों में (गीत)
युग युग से हम खोज (गीत)
उठो सुनो प्राची से उगते (गीत)
अवतरित हुई माँ गायत्री (गीत)
सबसे अधिक जरुरी होता (गीत)
न सोचो अकेली किरण (गीत)
आज बेचैन है स्वर्ग की शक्तियाँ (गीत)
मानव जीवन इस जगती (गीत)
पास रहता हूँ तेरे (गीत)
आदमी,आदमी को सुहाता नहीं (गीत)
एक दिन ही जी मगर (गीत)
शक्ति साधना बिना न होता (गीत)
पुरुषों नारी की ममता की (गीत)
देवियाँ देश की जाग जायें (गीत)
आदि शक्ति तुम वीर प्रसूता (गीत)
इस दहेज ने ही फैलाया (गीत)
कोठरी मन की सदा रख (गीत)
विश्व हमारा धरती अपनी (गीत)
संस्कृति रही कराह (गीत)
ये धरती के रहने वालो (गीत)
जुट जायें हम सब मिलकर (गीत)
अगर हम नहीं देश के (गीत)
नमो आदि प्रज्ञा नमो विश्व (गीत)
नन्हे बच्चों आने वाले (गीत)
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