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प्रेरक लघुकथाएँ

प्रेरक लघुकथाएँ

Author: Pt. Shriram Sharma Achary Publisher: Yug Nirman Yojana, Mathura Code: HINR1041 33696 Views Out of Stock
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Available Languages:
Hindi
1_शरीर और आत्मा (लेख)
2_संकीण्ता हताओ (लेख)
3_छतरी और मस्तक (लेख)
4_विवेक बनाम कर्म (लेख)
5_परिवर्तन में विवेक (लेख)
6_केवल लो मत कुछ दो भी (लेख)
7_कागज और कलम (लेख)
8_नन्हीं चिनगारी (लेख)
9_अडंगा मत लगाओ (लेख)
10_जीवन शक्ति (लेख)
11_पवमान की पराजय (लेख)
12_स्वार्थपरता एक अपराध (लेख)
13_विस्तार ही नहीं गहराई भी (लेख)
14_कौआ और हंस (लेख)
15_माँगो मत (लेख)
16_पुरुषार्थ करो (लेख)
17_भय छोडो (लेख)
18_शिकायत करना छोडो (लेख)
19_जीवन यात्रा (लेख)
20_मर कर भी सुगन्ध फलाऊँगा (लेख)
21_काला कौआ (लेख)
22_आशा और धैर्य (लेख)
23_यह ध्यान पहले ही रहे तो (लेख)
24_आकाश के तारे (लेख)
25_सबरी भलाई में अपनी भलाई (लेख)
26_शक्ति को शोभा (लेख)
27_बाह्य श्रृंगार किस काम का (लेख)
28_सौन्दर्य की रक्षा (लेख)
29_गहरे पानी पैठ (लेख)
30_नई शक्ति (लेख)
31_काम बंद न होगा (लेख)
32_भय छोड़ हवा में उड़ (लेख)
33_रक्षक भगवान (लेख)
34_मुस्कराते रहो (लेख)
35_प्रतिशोध की भयंकरता (लेख)
36_अनुकरण (लेख)
37_अपना व्रत क्यों तोड़ (लेख)
38_मीठी बानी बोलोये (लेख)
39_दोनों से बड़ा (लेख)
40_घड़े की भूल (लेख)
41_शक्ति का केन्द्रीकरण (लेख)
42_धूप और छाँव (लेख)
43_बैठो मत काम करो (लेख)
44_मोल का पत्थर (लेख)
45_चलते रहो चलते रहो (लेख)
46_एकता में सुरक्षा (लेख)
47_धर्म का सही अर्थ (लेख)
48_भीख की झोली (लेख)
49_सत्य और असत्य (लेख)
50_उत्सर्ग के लिए अर्जन आवश्यक (लेख)
51_मिलकर काम करो (लेख)
52_अभेद मैत्री (लेख)
53_क्षणिक अस्तित्व पर इतना अभिमान (लेख)
54_धूर्तता से तो अयोगयता अच्छी (लेख)
55_झुकने की पात्रता (लेख)
56_असली और नकली गुलाब (लेख)
57_परिवर्तन ही सत्य (लेख)
58_जीने की चाह (लेख)
59_तुच्हारी ही माला तुम्हारी ही ढाल (लेख)
60_जो मिला है वही बहुत है (लेख)
61_छोटा सो बड़ा (लेख)
62_उजड़ जाओ (लेख)
63_स्वप्न-भ्रम (लेख)
64_प्रेमी को मिलता है (लेख)
65_अपनी चीज अपने पास रखो (लेख)
66_आत्म याद रहती तो (लेख)
67_क्रोध का फल (लेख)
68_एक दीन कड़वा ही सही (लेख)
69_प्रेम के टाके (लेख)
70_कपट देर तक नहीं चलता (लेख)
71_वाणी से पता चलता है (लेख)
72_शरीर हटाऊँ या आत्मा (लेख)
73_छोटों को भी देखो (लेख)
74_युक्त को रोको (लेख)
75_दानवीर कर्ण (लेख)
76_पसीने के फूल (लेख)
77_जीवन मृत्यु से अलग (लेख)
78_साधक का मोह (लेख)
79_अपरिग्रह परिग्रह दास न बनें (लेख)
80_क्षमा कीजिये (लेख)
81_उससे भी बुरा (लेख)
82_भाग्यवान बनाम अभाग (लेख)
83_रुप पर न्योछावर (लेख)
84_अन्ततोगत्वा (लेख)
85_स्नेह तो सौभ्यता ढूँढता है (लेख)
86_रस विकृत न हो (लेख)
87_ऐसे भी सिखना पड़ता (लेख)
88_झूँठा उपदेश बनाम सच्चा उपदेश (लेख)
89_पुण्य की कसौटी (लेख)
90_दोनों साथ-साथ रहो (लेख)
91_शक्ति शाली वस्तु (लेख)
92_मौत का विस्मरण (लेख)
93_अभाव का दुःख सन्तौष का सुख (लेख)
94_मन का अभ्यास (लेख)
95_सती का तेज (लेख)
96_प्रकाश की और चली (लेख)
97_बीज जो वृक्ष बन गया (लेख)
98_मन की शक्ति (लेख)
99_मृत्यु का दुःख मत करो (लेख)
100_प्रलाप मत करो (लेख)
101_मिथ्या अहंकार (लेख)
102_एक थी नदी,एक था जोहर (लेख)
103_बूँदों का बलिदान (लेख)
104_नया पाने के लिए पुराना छोडो (लेख)
105_आँख और आंसु (लेख)
106_आवश्यकता को प्राथमिकमा (लेख)
107_समय नहीं मिलता (लेख)
108_संसार की शोभा (लेख)
109_तृष्णा की तृप्ति असम्भव (लेख)
110_भगवान्‌ विष्णु का बड़प्पन (लेख)
111_लोटे में जहाज (लेख)
112_अधिक कंजूसो किस काम की (लेख)
113_पहले मन साफ करो (लेख)
114_कुपात्र को कौन दे (लेख)
115_अपनी अपनी पात्रता (लेख)
116_अपने भीतर सुख की खोज (लेख)
117_जो मन भावई सो कर पावई (लेख)
118_धर्म मर्यादा का ज्ञान (लेख)
119_सेवा पर नि:स्वार्थ (लेख)
120_फूलों का रंग (लेख)
121_दो दीपक (लेख)
122_लक्ष्मी धर्मशील कावर (लेख)
123_दो पैसे की सिद्धि (लेख)
124_मृत्यु दूत (लेख)
125_डरो मत कारण समझो (लेख)
126_संकल्प सर्वोपरि शक्ति (लेख)
127_अहंकार बाधक (लेख)
128_लक्ष्मी का वास (लेख)
129_कोई सुनता नहीं (लेख)
130_पहले मन के बोज हटाओ (लेख)
131_एकाग्र चिन्त हो तो सफलता मिलेगी (लेख)
132_लज्जा सुन्दरता की संरक्षिका है (लेख)
133_आत्म विजय हो सच्ची विजय (लेख)
134_मेहनत का मीठा फल (लेख)
135_अनति पर गर्व करना भूल है (लेख)
136_सहिष्णुता का जादू (लेख)
137_विश्वास घात का फल (लेख)
138_गर्व से गर्व दूर नहीं होगा (लेख)
139_भविष्य का भी ध्यान रखा करो (लेख)
140_दो कौडी का राज्य (लेख)
141_इन्द्रियजित (लेख)
142_लघुता से प्रभुता (लेख)
143_म्रुत्यु से कौन बचा (लेख)
144_घिस घिसकर परिमार्जित होने का परिर्णाम (लेख)
145_वस्तु का सच्चा मूल्य उसकी उपयोगीता है (लेख)
146_तोता रटन्त (लेख)
147_साव्ती से अधिक स्नेह (लेख)
148_दुःख का आशीर्वाद (लेख)
149_किसी को मूर्ख मत समझो (लेख)
150_मिलकर खोज करें (लेख)
151_ओरों को भी सिखाओ (लेख)
152_शान्त बनाए एकान्त (लेख)
153_मेरा मुख्य काम पीडितों की सेवा करना है (लेख)
154_आगे का काम आगे करो (लेख)
155_कटुता बनाम आत्म कल्याण (लेख)
156_संत बनाम धूर्त (लेख)
157_जिन्दगी मौत एक दूसरे ही पूरक हैं (लेख)
158_मुक्त का दान क्यों लें (लेख)
159_ज्ञान ही सच्चा तीर्थ स्नान (लेख)
160_भगवान को सच्ची सेवा (लेख)
161_ईश्वर भक्त (लेख)
162_निशाना (लेख)
163_देने का सुख (लेख)
164_सच्चा सौदा (लेख)
165_आकस्मिक लाभ का अभिशाप (लेख)
166_किसी से कहना मत (लेख)
167_अपना उद्धार आप करो (लेख)
168_भक्ति गीत (लेख)
169_सन्य की उपासना करो (लेख)
170_कर्म फल मानो (लेख)
171_असली तपस्या (लेख)
172_डरा सो भरा (लेख)
173_अभ्यासा (लेख)
174_ईर्ष्या बनाम विष (लेख)
175_साधनो में सिद्धि (लेख)
176_सौन्दर्य से बड़ा पुरुषार्थ (लेख)
177_शेखचिल्ली (लेख)
178_पाप से मुक्ति (लेख)
179_तब वसुधा पुलकित हो उठी (लेख)
180_अपनी रक्षा आप करो (लेख)
181_राष्ट्र देवता के सब कार्य बराबर (लेख)
182_धर्म ही स्थाई है (लेख)
183_नकली स्वर्ण छोड़कर वास्तविक सम्पदा प्राप्त करें (लेख)
184_प्रपंच से बचो (लेख)
185_स्थानान्तर (लेख)
186_नशा बुरा जंजाल (लेख)
187_तैरना सूखे में नहीं सीखा जाता (लेख)
188_सच्चाई की परख (लेख)
189_भिक्षा देना निधनता को बुलाना (लेख)
190_अभिमान का नारा (लेख)
191_चलो ही नहीं आंख खोलकर चलो (लेख)
192_हृदय परिवर्तन (लेख)
193_मानसिक पवित्रताऐ सिद्धि (लेख)
194_कबीर की सिखावन (लेख)
195_प्रेम की पहिचान (लेख)
196_सान्तिध्य तो देवता का (लेख)
197_दुनियाँ का दुर्भाग्य भी सौभाग्य बन जाता है (लेख)
198_अजेय राष्ट्र (लेख)
199_ईश्वर का छोड़ा काम पूरा करो (लेख)
200_जीवन एक सूर्यकान्त मणि (लेख)
Book Size Regular
Pages 160
Publisher Yug Nirman Yojana, Mathura
Publication Year yyyy
Format # NA
Weight 0
Code Rare Book

Gayatri Pariwar Books, Pt. Shriram Sharma Acharya, Free Books for Download, vicharkrantibooks, awgp, rishichintan,

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