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एक थी नदी,एक था जोहर
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Author:
Pt. Shriram Sharma Acharya
Code:
HINR1041_102
Source:
प्रेरक लघुकथाएँ (Book)
#नदी
#जोहर
एक थी नदी,एक था जोहर Document
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Topic Of Source Title
शरीर और आत्मा (लेख)
संकीण्ता हताओ (लेख)
छतरी और मस्तक (लेख)
विवेक बनाम कर्म (लेख)
परिवर्तन में विवेक (लेख)
केवल लो मत कुछ दो भी (लेख)
कागज और कलम (लेख)
नन्हीं चिनगारी (लेख)
अडंगा मत लगाओ (लेख)
जीवन शक्ति (लेख)
पवमान की पराजय (लेख)
स्वार्थपरता एक अपराध (लेख)
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कौआ और हंस (लेख)
माँगो मत (लेख)
पुरुषार्थ करो (लेख)
भय छोडो (लेख)
शिकायत करना छोडो (लेख)
जीवन यात्रा (लेख)
मर कर भी सुगन्ध फलाऊँगा (लेख)
काला कौआ (लेख)
आशा और धैर्य (लेख)
यह ध्यान पहले ही रहे तो (लेख)
आकाश के तारे (लेख)
सबरी भलाई में अपनी भलाई (लेख)
शक्ति को शोभा (लेख)
बाह्य श्रृंगार किस काम का (लेख)
सौन्दर्य की रक्षा (लेख)
गहरे पानी पैठ (लेख)
नई शक्ति (लेख)
काम बंद न होगा (लेख)
भय छोड़ हवा में उड़ (लेख)
रक्षक भगवान (लेख)
मुस्कराते रहो (लेख)
प्रतिशोध की भयंकरता (लेख)
अनुकरण (लेख)
अपना व्रत क्यों तोड़ (लेख)
मीठी बानी बोलोये (लेख)
दोनों से बड़ा (लेख)
घड़े की भूल (लेख)
शक्ति का केन्द्रीकरण (लेख)
धूप और छाँव (लेख)
बैठो मत काम करो (लेख)
मोल का पत्थर (लेख)
चलते रहो चलते रहो (लेख)
एकता में सुरक्षा (लेख)
धर्म का सही अर्थ (लेख)
भीख की झोली (लेख)
सत्य और असत्य (लेख)
उत्सर्ग के लिए अर्जन आवश्यक (लेख)
मिलकर काम करो (लेख)
अभेद मैत्री (लेख)
क्षणिक अस्तित्व पर इतना अभिमान (लेख)
धूर्तता से तो अयोगयता अच्छी (लेख)
झुकने की पात्रता (लेख)
असली और नकली गुलाब (लेख)
परिवर्तन ही सत्य (लेख)
जीने की चाह (लेख)
तुच्हारी ही माला तुम्हारी ही ढाल (लेख)
जो मिला है वही बहुत है (लेख)
छोटा सो बड़ा (लेख)
उजड़ जाओ (लेख)
स्वप्न-भ्रम (लेख)
प्रेमी को मिलता है (लेख)
अपनी चीज अपने पास रखो (लेख)
आत्म याद रहती तो (लेख)
क्रोध का फल (लेख)
एक दीन कड़वा ही सही (लेख)
प्रेम के टाके (लेख)
कपट देर तक नहीं चलता (लेख)
वाणी से पता चलता है (लेख)
शरीर हटाऊँ या आत्मा (लेख)
छोटों को भी देखो (लेख)
युक्त को रोको (लेख)
दानवीर कर्ण (लेख)
पसीने के फूल (लेख)
जीवन मृत्यु से अलग (लेख)
साधक का मोह (लेख)
अपरिग्रह परिग्रह दास न बनें (लेख)
क्षमा कीजिये (लेख)
उससे भी बुरा (लेख)
भाग्यवान बनाम अभाग (लेख)
रुप पर न्योछावर (लेख)
अन्ततोगत्वा (लेख)
स्नेह तो सौभ्यता ढूँढता है (लेख)
रस विकृत न हो (लेख)
ऐसे भी सिखना पड़ता (लेख)
झूँठा उपदेश बनाम सच्चा उपदेश (लेख)
पुण्य की कसौटी (लेख)
दोनों साथ-साथ रहो (लेख)
शक्ति शाली वस्तु (लेख)
मौत का विस्मरण (लेख)
अभाव का दुःख सन्तौष का सुख (लेख)
मन का अभ्यास (लेख)
सती का तेज (लेख)
प्रकाश की और चली (लेख)
बीज जो वृक्ष बन गया (लेख)
मन की शक्ति (लेख)
मृत्यु का दुःख मत करो (लेख)
प्रलाप मत करो (लेख)
मिथ्या अहंकार (लेख)
एक थी नदी,एक था जोहर (लेख)
बूँदों का बलिदान (लेख)
नया पाने के लिए पुराना छोडो (लेख)
आँख और आंसु (लेख)
आवश्यकता को प्राथमिकमा (लेख)
समय नहीं मिलता (लेख)
संसार की शोभा (लेख)
तृष्णा की तृप्ति असम्भव (लेख)
भगवान् विष्णु का बड़प्पन (लेख)
लोटे में जहाज (लेख)
अधिक कंजूसो किस काम की (लेख)
पहले मन साफ करो (लेख)
कुपात्र को कौन दे (लेख)
अपनी अपनी पात्रता (लेख)
अपने भीतर सुख की खोज (लेख)
जो मन भावई सो कर पावई (लेख)
धर्म मर्यादा का ज्ञान (लेख)
सेवा पर नि:स्वार्थ (लेख)
फूलों का रंग (लेख)
दो दीपक (लेख)
लक्ष्मी धर्मशील कावर (लेख)
दो पैसे की सिद्धि (लेख)
मृत्यु दूत (लेख)
डरो मत कारण समझो (लेख)
संकल्प सर्वोपरि शक्ति (लेख)
अहंकार बाधक (लेख)
लक्ष्मी का वास (लेख)
कोई सुनता नहीं (लेख)
पहले मन के बोज हटाओ (लेख)
एकाग्र चिन्त हो तो सफलता मिलेगी (लेख)
लज्जा सुन्दरता की संरक्षिका है (लेख)
आत्म विजय हो सच्ची विजय (लेख)
मेहनत का मीठा फल (लेख)
अनति पर गर्व करना भूल है (लेख)
सहिष्णुता का जादू (लेख)
विश्वास घात का फल (लेख)
गर्व से गर्व दूर नहीं होगा (लेख)
भविष्य का भी ध्यान रखा करो (लेख)
दो कौडी का राज्य (लेख)
इन्द्रियजित (लेख)
लघुता से प्रभुता (लेख)
म्रुत्यु से कौन बचा (लेख)
घिस घिसकर परिमार्जित होने का परिर्णाम (लेख)
वस्तु का सच्चा मूल्य उसकी उपयोगीता है (लेख)
तोता रटन्त (लेख)
साव्ती से अधिक स्नेह (लेख)
दुःख का आशीर्वाद (लेख)
किसी को मूर्ख मत समझो (लेख)
मिलकर खोज करें (लेख)
ओरों को भी सिखाओ (लेख)
शान्त बनाए एकान्त (लेख)
मेरा मुख्य काम पीडितों की सेवा करना है (लेख)
आगे का काम आगे करो (लेख)
कटुता बनाम आत्म कल्याण (लेख)
संत बनाम धूर्त (लेख)
जिन्दगी मौत एक दूसरे ही पूरक हैं (लेख)
मुक्त का दान क्यों लें (लेख)
ज्ञान ही सच्चा तीर्थ स्नान (लेख)
भगवान को सच्ची सेवा (लेख)
ईश्वर भक्त (लेख)
निशाना (लेख)
देने का सुख (लेख)
सच्चा सौदा (लेख)
आकस्मिक लाभ का अभिशाप (लेख)
किसी से कहना मत (लेख)
अपना उद्धार आप करो (लेख)
भक्ति गीत (लेख)
सन्य की उपासना करो (लेख)
कर्म फल मानो (लेख)
असली तपस्या (लेख)
डरा सो भरा (लेख)
अभ्यासा (लेख)
ईर्ष्या बनाम विष (लेख)
साधनो में सिद्धि (लेख)
सौन्दर्य से बड़ा पुरुषार्थ (लेख)
शेखचिल्ली (लेख)
पाप से मुक्ति (लेख)
तब वसुधा पुलकित हो उठी (लेख)
अपनी रक्षा आप करो (लेख)
राष्ट्र देवता के सब कार्य बराबर (लेख)
धर्म ही स्थाई है (लेख)
नकली स्वर्ण छोड़कर वास्तविक सम्पदा प्राप्त करें (लेख)
प्रपंच से बचो (लेख)
स्थानान्तर (लेख)
नशा बुरा जंजाल (लेख)
तैरना सूखे में नहीं सीखा जाता (लेख)
सच्चाई की परख (लेख)
भिक्षा देना निधनता को बुलाना (लेख)
अभिमान का नारा (लेख)
चलो ही नहीं आंख खोलकर चलो (लेख)
हृदय परिवर्तन (लेख)
मानसिक पवित्रताऐ सिद्धि (लेख)
कबीर की सिखावन (लेख)
प्रेम की पहिचान (लेख)
सान्तिध्य तो देवता का (लेख)
दुनियाँ का दुर्भाग्य भी सौभाग्य बन जाता है (लेख)
अजेय राष्ट्र (लेख)
ईश्वर का छोड़ा काम पूरा करो (लेख)
जीवन एक सूर्यकान्त मणि (लेख)
आँखों के अंधे (लेख)
शरीर के छेद (लेख)
भगवान भी भजन करते हैं (लेख)
सहृदयता अपराजेय (लेख)
विश्वास की शक्ति (लेख)
मांगो मत स्वयं प्राप्त करो (लेख)
त्यागा नहीं पाया (लेख)
बिना जाने निर्णय न लो (लेख)
फूलो की बात काँटों से (लेख)
उचेक्षा करो (लेख)
स्वर नहीं तो क्या भाव तो हैं (लेख)
सच्चा सन्ता (लेख)
संयमी ही उपभोग के अधिकारी (लेख)
जाति और पानी (लेख)
जीवन की खेती (लेख)
परमेश्वर सब कुछ देखता (लेख)
विवाह का पछतावा (लेख)
प्रयत्न करो (लेख)
जो तू वही में (लेख)
भिक्षु बनने का समय (लेख)
कहीं भटके नहीं (लेख)
अनावश्यक उपालम्ब (लेख)
मिथ्या भय (लेख)
मृत्यु और जीवन (लेख)
जो दिल खोजों आपना (लेख)
सबसे बड़ा सेवक (लेख)
गृहस्थ को मत कोसो (लेख)
अपना व्रत न छोडूगा (लेख)
अपने सुख के लिए सताओ मत (लेख)
धैर्य की आवश्यकता (लेख)
भिखारी (लेख)
स्वर्ग का अधिकार (लेख)
बड़ा कौन (लेख)
सब कुछ दे दिया (लेख)
दुर्बलो देवघात (लेख)
श्रम और ज्ञान का समन्वय (लेख)
पहले ईट उठाइये (लेख)
हृदय में अन्तर (लेख)
असम्भव का कर्ता कौन (लेख)
आग और पानी (लेख)
जीवन मृत्यु परीपूरक (लेख)
धरती में स्वर्ग (लेख)
कावा कहाँ नहीं (लेख)
मीठी वाणी बोले (लेख)
हर स्थिति में सन्त (लेख)
मनमें भी संयमी बनो (लेख)
पर उपदेश (लेख)
फूल और काटे (लेख)
आस्तिक्त अनिवार्य (लेख)
पीड़ितों का हक (लेख)
अन्धकार का अंत (लेख)
दूसरों का भी दुःख समझो (लेख)
शरीर नहीं मेरे विचारों की रक्षा का (लेख)
ईश्वर बेईमान की पुकार नहीं सुनता (लेख)
खम्भा नहीं छोडता (लेख)
दान का महत्व (लेख)
जीने की शिक्षा (लेख)
गंगाजी बनाय एक लोटा जल (लेख)
नि:शस्त्रीकरण (लेख)
स्वर्ग का अधिकार (लेख)
श्रेष्ठ कौन (लेख)
सर्वोत्कृष्ट (लेख)
सत्य और आदर्श (लेख)
आत्म सबसे बड़ी (लेख)
बड़ा कौन (लेख)
किसी को कमजोर न समझो (लेख)
गेहूँ की ढेरी की असन्तोष (लेख)
अस्त्स का सम्मान (लेख)
कला बनाम शिल्पी (लेख)
विनम्रता से सफलता (लेख)
किसी को कष्ट न हो (लेख)
पाप और पश्चाताप (लेख)
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अहंकार ने कुछ न सीखने दिया (लेख)
पुनर्मूषो भव (लेख)
शैतान की पुड़िया (लेख)
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मूर्ख को सीख न दो (लेख)
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पोठियाँ मिल गई (लेख)
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