शरीर को भगवान का मंदिर समझकर आत्म-संयम और नियमितता ध्वारा आरोग्य की रक्षा करेंगे

शरीर को भगवान का मंदिर समझकर आत्म-संयम और नियमितता ध्वारा आरोग्य की रक्षा करेंगे Document