मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है, इस विश्वास के आधार पर हमारी मान्यता है कि हम उत्कृष्ट बनेंगे औ दूसरों को श्रेष्ठ बनाएँगें, तो युग अवश्य बदलेगा

मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है, इस विश्वास के आधार पर हमारी मान्यता है कि हम उत्कृष्ट बनेंगे औ दूसरों को श्रेष्ठ बनाएँगें, तो युग अवश्य बदलेगा Document