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५९_परमात्मारुपी लाभ को प्राप्त व्यक्ति दुख में विचलित नहीं होता_AJH2004Nov
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Author:
Dr. Pranav Pandya
Code:
HAS_00655
#युगगीता
#परमात्मा
#लाभ
#व्यक्ति अपनों से अपनी बात
५९_परमात्मारुपी लाभ को प्राप्त व्यक्ति दुख में विचलित नहीं होता_AJH2004Nov Document
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