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हम वक्ता कैसे बनें

हम वक्ता कैसे बनें

Author: Pt. Shriram Sharma Achary Publisher: Akhandjyoti Sansthan, Mathura Code: HINR0575 9954 Views Out of Stock
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Available Languages:
Hindi
मनुष्य की वाणी के चमत्कार (लेख)
आप भी वक्ता बन सकते हैं (लेख)
महत्वाकांक्षा अवश्यपूर्ण होगी (लेख)
अपनी शक्तियों में विश्वास कीजिए (लेख)
वक्तृत्व कला की शिक्षा (लेख)
कम शिक्षा के कारण निराश न हों (लेख)
कारनेगी के कुछ शिष्य (लेख)
प्रत्येक व्यक्ति निपुण बन सकता है (लेख)
वक्ता के स्वाभाविक गुण (लेख)
निडरता एवं संकोच शून्यता (लेख)
तीव्र सहदयता (लेख)
शरीर की प्रकाशन शीलता (लेख)
कुशाग्र बुद्धि (लेख)
वक्ता का तारतम्य विवेक (लेख)
अन्तकरण की तल्लीनता (लेख)
काल्पना शक्ति की तीव्रता (लेख)
भाषा एवं शब्द योजना पर अधिकार (लेख)
अंग संचालन अत्यन्त आवश्यक है (लेख)
वक्तृता की तैयारी (लेख)
सामिग्री एकत्रित करना (लेख)
प्रत्येक का दृष्टिकोण भिन्न है (लेख)
वाद विवाद की शक्ति का विकास (लेख)
स्वयं विचार करना चाहिए (लेख)
गुरू के साथ चर्चा (लेख)
भाषण को लिख डालिए (लेख)
लेखन पद्धति के सम्बन्ध में विचारणीय तत्व (लेख)
स्मरण शक्ति का विकास (लेख)
भाषण में नोट अथवा संकेतो का प्रयोग (लेख)
संकेतों के प्रयोग में सावधानी (लेख)
भाषण देने का प्रारम्भिक अभ्यास (लेख)
दर्पण के ध्वारा अभिनय एवं अंग संचालन (लेख)
खुली हवा में भाषण देना सीखिए (लेख)
आपका प्रथम भाषण (लेख)
श्रोताओं को निहारने का भय (लेख)
कारनेगी के शिष्यों के प्रारम्भिक भाषण (लेख)
अपने भाषण में तन्मय हो जाइये (लेख)
अशुद्धियों की परवाह क कीजिए (लेख)
प्रारम्भिक भाषण को अन्य समस्याऎं (लेख)
श्रोताओं का वृथा आतंक (लेख)
जनता की मनोवृति मांपिए (लेख)
नवीन वक्ताओं के लिए एक उपयोगी सुझाव (लेख)
श्रोतासमाज एक वाध्ययंत्र है (लेख)
मानसिक संतुलन ठीक रखिए (लेख)
दृष्टि मिलाना आवश्यक है (लेख)
मनुष्य के नेत्र का प्रभाव (लेख)
आत्म तेज नेत्रों से तरंगित कीजिए (लेख)
कंठ तथा होठ सूखने पर (लेख)
समय तथा उसका विभाग (लेख)
लम्बी वक्तृता का मोह त्यागिए (लेख)
भाषण का प्रारम्भिक अंश (लेख)
वक्तृता का मध्य (लेख)
अन्तिम अंश सबसे महत्व पूर्ण है (लेख)
अपने भाषण में तल्लीन हो जाइये (लेख)
इस कला की आत्मा (लेख)
उतम वक्ताओं की संगति (लेख)
अपने निश्चय को अधिकाधिक पुष्ट कीजिए (लेख)
वकृता में सुधार करने के उपाय (लेख)
उतम वक्तृताओं को ध्यान पूर्वक सुनना (लेख)
प्राचीन भाषाओं का गहन अध्ययन (लेख)
छोटे बच्चों में भाषण दीजिए (लेख)
दूसरों के भाषणों को आकर्षक ढंग से पढिए (लेख)
Book Size Regular
Pages 56
Publisher Akhandjyoti Sansthan, Mathura
Publication Year 1951
Format # NA
Weight 0
Code Rare Book

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